व्यापार मंडल के प्रांतीय निर्वाचन की तैयारियां शुरू, 17-18 अप्रैल 2027 को लखनऊ में होगा चुनाव
नोएडा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय कोषाध्यक्ष एवं नोएडा महानगर के चेयरमैन नरेश कुच्छल ने बताया कि व्यापार मंडल का आगामी प्रांतीय निर्वाचन 17-18 अप्रैल 2027 को महाराजा अग्रसेन विद्यालय, मोतीनगर, लखनऊ में आयोजित किया जाएगा। निर्वाचन कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जनपदों के पदाधिकारियों तथा जिला एवं नगर कमेटियों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
नरेश कुच्छल ने कहा कि व्यापार मंडल की लगातार सक्रियता और पदाधिकारियों के प्रयासों से प्रदेश में 18 हजार से अधिक व्यापार मंडल इकाइयां कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 75 जनपदों के साथ ही व्यापार मंडल द्वारा गठित 35 जनपदों में भी इकाइयां लगातार सक्रिय हैं। 21 महानगरों वाले जनपदों में करीब 6,500 व्यापार मंडल इकाइयां, जबकि शेष जनपदों में लगभग 11 से 12 हजार इकाइयां कार्यरत हैं।
उन्होंने कहा कि संगठन की कार्यप्रणाली के चलते अब छोटे-छोटे बाजारों और चौराहों पर भी व्यापार मंडल का गठन किया जा रहा है। जहां 25-30 दुकानें हैं, वहां भी व्यापारियों को संगठन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कर भुगतान में व्यापारी वर्ग की बड़ी भूमिका
कुच्छल ने कहा कि देश में करीब 7 करोड़ छोटे-बड़े व्यापारी कार्यरत हैं और उनके प्रतिष्ठानों पर लगभग 7 करोड़ कर्मचारी काम करते हैं। व्यापारिक गतिविधियों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार और आजीविका मिल रही है। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग आयकर, टीडीएस, जीएसटी, मंडी शुल्क और खाद्य विभाग से संबंधित करों सहित विभिन्न माध्यमों से सरकार को राजस्व देता है।
उन्होंने व्यापारी वर्ग को करदाता, कामदाता, समाजसेवी और देशसेवी बताते हुए कहा कि देश और प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था में व्यापारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
व्यापारियों के लिए कई मांगें सरकार के सामने रखीं
नरेश कुच्छल ने बताया कि व्यापार मंडल की ओर से जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों को विधान परिषद और राज्यसभा में 10 सीटों के आरक्षण की मांग की जा रही है। इसके अलावा ऑनलाइन ट्रेडिंग से प्रभावित हो रहे खुदरा व्यापार को बचाने के लिए ऑनलाइन ट्रेडिंग पर रोक लगाने की मांग भी उठाई जा रही है।
व्यापार मंडल ने जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों का स्वास्थ्य बीमा सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर कराने, दुकान जलने की स्थिति में एक करोड़ रुपये का बीमा देने, सरकार द्वारा वसूले जाने वाले ब्याज को 18 प्रतिशत से घटाकर 9 प्रतिशत करने तथा विद्युत और गृहकर की व्यावसायिक दरों को घरेलू दरों के बराबर करने की मांग की है।
इसके साथ ही बिजली बिल में फिक्स एवं मिनिमम चार्ज समाप्त करने, पूरे देश में मंडी शुल्क की दर एक प्रतिशत करने, विभिन्न विभागों के लाइसेंस आजीवन किए जाने तथा अनावश्यक सर्वे और छापों को समाप्त करने की मांग भी रखी गई है।
कुच्छल ने कहा कि व्यापार मंडल की ओर से दुर्घटना बीमा की राशि 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये, व्यापारी पेंशन को बढ़ाकर 10 हजार रुपये तथा जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों को प्राथमिकता के आधार पर शस्त्र लाइसेंस देने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी गई है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के हितों से जुड़े इन मुद्दों को संगठन लगातार सरकार के सामने मजबूती से उठाता रहेगा।