बाराबंकी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पार्टी के राज्य परिषद सदस्य रणधीर सिंह सुमन ने कहा कि धन की कमी बताकर इसे समाप्त किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह संघ-नियंत्रित सरकार महात्मा गांधी के नाम से नफरत करती है और नथूराम गोडसे को स्वीकार्यता दिलाने की मानसिकता से काम कर रही है।
जिला सचिव बृजमोहन वर्मा ने कहा कि राज्य सरकारें कर्ज के मकड़जाल में फंसी हैं और 40 प्रतिशत हिस्सेदारी वाली नई योजनाओं में अपना अंशदान नहीं कर पाएंगी। धन के अभाव में नया कानून दम तोड़ देगा।
राज्य परिषद प्रवीण कुमार ने कहा कि 70 करोड़ लोगों को आंशिक रोजगार देने वाले कानून को समाप्त करना सरकार की आर्थिक विफलता का स्पष्ट प्रमाण है। वहीं किसान सभा के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने कहा कि मनरेगा कानून कम्युनिस्ट पार्टी के संघर्षों का परिणाम है और इसे बचाने के लिए पार्टी व्यापक आंदोलन करेगी।
पार्टी के कोषाध्यक्ष शिव दर्शन वर्मा के नेतृत्व में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा गया।
प्रदर्शन में मो. कदीर हसन, राजकुमार वर्मा, प्रेमचंद्र वर्मा, महेंद्र यादव, धर्मेंद्र शर्मा, प्रमेंद्र वर्मा, सर्वेश यादव, रामनरेश वर्मा, दीपक वर्मा, सचिंदानंद श्रीवास्तव, सुंदलाल सोनी, दीपक शर्मा, आशीष वर्मा, संदीप तिवारी, अमर सिंह प्रधान, राजेंद्र बहादुर सिंह, श्याम सिंह, रुबी सिंह चंदेल, संतोष कुमार, अंकुल वर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
