
अमरोहा
राम नाम सत्य… बदहाल रास्ते से उठी अर्थी, सिस्टम पर सवाल
“राम नाम सत्य है…” के नारों के बीच ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए अर्थी लेकर जा रहे हैं, लेकिन रास्ते की बदहाली खुद हालात बयां कर रही है। यह तस्वीर उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के एक गांव की बताई जा रही है, जहां कीचड़ से भरे और टूटे रास्ते ग्रामीणों की मजबूरी और व्यवस्था की सच्चाई सामने ला रहे हैं।
अंतिम यात्रा जैसे संवेदनशील अवसर पर भी ग्रामीणों को कीचड़ में फिसलते हुए अर्थी उठानी पड़ी, जिससे न केवल दुख और बढ़ा बल्कि प्रशासनिक दावों की भी पोल खुल गई। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार सड़क की समस्या को लेकर शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
बरसात के मौसम में गांव का संपर्क मार्ग पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आज वही बदहाल रास्ता एक बार फिर सिस्टम से सवाल पूछ रहा है—क्या गांवों की बुनियादी सुविधाएं केवल कागज़ों तक सीमित हैं?
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गांव की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी को इस तरह की पीड़ा और अपमानजनक हालात का सामना न करना पड़े।