
सूरजपुर, 04 अप्रैल 2026। प्राचीन एवं ऐतिहासिक बाराही मेला-2026 के चौथे दिन रविवार को मेले का वातावरण भक्ति, परंपरा और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर रहा। प्रतिदिन की भांति कार्यक्रमों की शुरुआत आरती एवं गणेश वंदना से हुई, जिसके बाद सांस्कृतिक मंचों पर एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।हरियाणा डांस ग्रुप (आरसीएफ इवेंट) के कलाकारों ने लोक कला मंच एवं संस्कृति मंच पर रंगारंग गीत-संगीत और नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
पारंपरिक वेशभूषा और आकर्षक कोरियोग्राफी ने पूरे पंडाल को तालियों की गूंज से भर दिया।इसके बाद हरेंद्र नागर एंड पार्टी ने अपनी दमदार रागनियों और सामाजिक संदेशों से कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। राहुल अवाना (हरौला) द्वारा प्रस्तुत रागनी “गंगा जमुना यहां बहे, म्हारा प्यारा हिंदुस्तान…” ने देशभक्ति का माहौल बना दिया। वहीं बिशन सिंह इंदौर की प्रस्तुति “ज्ञान बिना संसद में गाल बजाना ठीक नहीं…” ने सामाजिक चेतना का सशक्त संदेश दिया।
आशु चौधरी (रोहतक) ने अपने ऊर्जावान नृत्य से मंच पर समां बांध दिया। वहीं हरेंद्र नागर और बिशन सिंह इंदौर द्वारा प्रस्तुत महाभारत के कर्ण-अर्जुन संवाद “जो करण निकल गया हाथों से, सो पछताना हो जाएगा…” ने दर्शकों को जीवन मूल्यों और धर्म की गहराई से रूबरू कराया।भाईचारे पर आधारित रागनी “भाई जैसी चीज जगत में मिलती न…” ने दर्शकों को भावुक कर दिया और पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा।
रितु चौधरी कृष्ण खटाना ने पूरणमल प्रसंग पर आधारित सवाल-जवाब की रागनी प्रस्तुत कर खूब सराहना बटोरी।मेले का प्रमुख आकर्षण जितेंद्र बंचारी नगाड़ा पार्टी भी रही, जो पिछले 26 वर्षों से लगातार इस मेले में अपनी प्रस्तुति देती आ रही है। नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की ध्वनि ने मेले के माहौल को और अधिक जीवंत बना दिया।इसके अलावा सिकंदर नाथ भांगड़ा बीन पार्टी (जलपुरा, ग्रेटर नोएडा) ने भी अपनी लोक शैली की प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय महिला वॉलीबॉल टीम की पूर्व कप्तान निर्मल तंवर एवं “पॉन्डमैन ऑफ इंडिया” के नाम से प्रसिद्ध रामवीर तंवर मौजूद रहे। आयोजन संस्था शिव मंदिर सेवा समिति ने दोनों अतिथियों का माल्यार्पण एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत किया।अपने संबोधन में निर्मल तंवर ने कहा कि आज बेटियां खेल, शिक्षा, प्रशासन और सेना सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने युवाओं से अनुशासन, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण को सफलता की कुंजी बताया।
वहीं रामवीर तंवर ने पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि यदि बाराही मंदिर प्रांगण में पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराया जाता है तो वह यहां एक आधुनिक जलाशय निर्माण के लिए करीब 50 लाख रुपये तक का अनुदान देने को तैयार हैं।मीडिया प्रभारी मूलचंद शर्मा ने बताया कि 06 अप्रैल 2026 (सोमवार) को तरुण बलियान एंड पार्टी द्वारा भव्य रागनी कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें कई कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।बाराही मेला-2026 धार्मिक आस्था के साथ-साथ लोक संस्कृति, सामाजिक समरसता, युवाओं के मार्गदर्शन और पर्यावरण जागरूकता का एक सशक्त मंच बनकर उभर रहा है।