महेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में ग्राम सभा सेमरी कला में होता है भव्य आयोजन, जरूरतमंद परिवारों की मदद से लेकर मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान तक निभा रही सामाजिक जिम्मेदारी
**गोण्डा।** जनपद के ग्राम सभा सेमरी कला में मां विंध्यवासिनी सेवा समिति पिछले 35 से 40 वर्षों से लगातार दुर्गा पूजा का आयोजन कर धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और जनसेवा की अनूठी मिसाल पेश कर रही है। समिति के संयोजक महेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित होने वाला यह धार्मिक कार्यक्रम क्षेत्र की परंपरा का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। खास बात यह है कि समिति केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि गरीब परिवारों की सहायता, जरूरतमंदों के सहयोग और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को संवारने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
दो महीने पहले से शुरू हो जाती हैं तैयारियां
नवरात्रि शुरू होने से करीब दो महीने पहले ही मां दुर्गा के भव्य दरबार को सजाने और पूजा आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं। समिति के सदस्य आपसी सहयोग और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। समिति के संयोजक महेंद्र प्रताप सिंह आयोजन की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देते हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में किसी प्रकार की कमी न रह जाए, इसके लिए वह हरसंभव प्रयास करते हैं और जरूरत पड़ने पर व्यक्तिगत रूप से भी आर्थिक सहयोग करते हैं।
नवरात्रि के नौ दिनों तक ग्राम सभा सेमरी कला का वातावरण भक्तिमय बना रहता है। श्रद्धालु मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। नवरात्रि के दसवें दिन समिति की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें सेमरी कला सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करते हैं।
गरीब बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने की जिम्मेदारी
मां विंध्यवासिनी सेवा समिति की सबसे उल्लेखनीय पहल गरीब और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा को लेकर है। समिति का प्रयास है कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी प्रतिभाशाली बच्चे की पढ़ाई बाधित न हो और उसे आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिले।
समिति जरूरतमंद गरीब बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाने में सहयोग करती है। वहीं, पढ़ाई में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया जाता है। ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों की आगे की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने की जिम्मेदारी लेने की पहल समिति के सामाजिक सरोकारों को और भी खास बनाती है।
समिति का मानना है कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिसके जरिए गरीब परिवारों के बच्चों को बेहतर भविष्य और समाज में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। इसी सोच के साथ बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उनकी शिक्षा में आर्थिक बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया जाता है।
जरूरतमंद परिवारों की मदद में भी आगे
धार्मिक आयोजन के साथ-साथ समिति जरूरतमंद परिवारों की सहायता में भी सक्रिय रहती है। गरीब और असहाय लोगों की परिस्थितियों को देखते हुए यथासंभव आर्थिक एवं अन्य आवश्यक सहयोग किया जाता है। जरूरतमंद परिवारों में विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर मदद करने और कठिन समय में लोगों का सहारा बनने का प्रयास भी समिति की सामाजिक गतिविधियों का हिस्सा है।
समिति के संयोजक महेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, समाज में ऐसे अनेक परिवार हैं, जिन्हें विपरीत परिस्थितियों में सहयोग की जरूरत होती है। ऐसे लोगों की मदद करना और उन्हें यह एहसास दिलाना कि समाज उनके साथ खड़ा है, समिति के उद्देश्यों में शामिल है।
ग्रामवासियों का सहयोग समिति की सबसे बड़ी ताकत
महेंद्र प्रताप सिंह ने दुर्गा पूजा के आयोजन और सामाजिक कार्यों में सहयोग देने वाले सभी ग्रामवासियों तथा समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्षों से इस परंपरा को बनाए रखना सभी के सामूहिक प्रयास, आपसी विश्वास और मां दुर्गा के प्रति अटूट श्रद्धा का परिणाम है।
मां विंध्यवासिनी सेवा समिति का यह प्रयास क्षेत्र में धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षा, सामाजिक सहयोग और आपसी भाईचारे का संदेश भी दे रहा है। मां दुर्गा की आराधना के साथ गरीब बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी निभाना और जरूरतमंदों के जीवन में सहारा बनना समिति की उस सोच को दर्शाता है।