बाराबंकी (रामनगर)। जनपद की कमान संभालने के बाद नवागत पुलिस अधीक्षक श्रीमती रवीना त्यागी ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, आमजन की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने और पुलिसिंग को अधिक संवेदनशील एवं जनहितकारी बनाने पर जोर दिया है। इसी क्रम में उन्होंने थाना रामनगर क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध श्री लोधेश्वर महादेवा मंदिर पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन-पूजन किए तथा जनपदवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की।
मंदिर पहुंचने पर पुलिस अधीक्षक ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ के समक्ष मत्था टेका। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा प्रबंधों और पुलिस की सतर्कता से संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया।
निष्पक्षता और संवेदनशीलता से कार्य करने पर जोर
पुलिस अधीक्षक रवीना त्यागी ने अपने दायित्वों के निर्वहन में पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस का प्रमुख उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए उनकी शिकायतों पर गंभीरता से सुनवाई करना और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करना है। पुलिसकर्मियों को आमजन के प्रति जिम्मेदार, संवेदनशील और सहयोगात्मक रवैया अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें आम नागरिक बिना किसी भय या संकोच के अपनी समस्या लेकर थाने पहुंच सके और उसे नियमानुसार उचित कार्रवाई का भरोसा मिले। कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष कार्रवाई करना तथा जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास कायम रखना प्राथमिकता में शामिल है।
महादेवा मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण
प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेवा मंदिर में दर्शन-पूजन के उपरांत पुलिस अधीक्षक ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, श्रद्धालुओं की आवाजाही तथा सुरक्षा संबंधी अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और दर्शन-पूजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुचारु बनी रहे, इस पर विशेष ध्यान दिया गया।
महादेवा मंदिर धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है, जहां विभिन्न अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना और भीड़ के प्रबंधन पर ध्यान देना आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान इन व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस की सतर्कता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान मौजूद पुलिस उपाधीक्षक एवं थाना प्रभारी को निर्देश दिए गए कि मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बरती जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिसकर्मी तत्पर रहें। यदि कहीं अराजकता या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधि सामने आती है, तो नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के साथ शालीन एवं संवेदनशील व्यवहार करने के निर्देश दिए गए, ताकि लोगों को सुरक्षा के साथ-साथ सहयोग का भी अनुभव हो। अधिकारियों से सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं पर निरंतर निगरानी बनाए रखने और अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने की अपेक्षा की गई।
जनता का विश्वास जीतना होगी प्राथमिकता
नवागत पुलिस अधीक्षक के इस दौरे को धार्मिक स्थल की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने और पुलिस की कार्यप्रणाली में जनसेवा, निष्पक्षता तथा संवेदनशीलता को प्राथमिकता देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। कार्यभार संभालने के बाद उनकी प्राथमिकताओं में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, पीड़ितों की शिकायतों की सुनवाई और आमजन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना महत्वपूर्ण रहेगा।
पुलिस अधीक्षक रवीना त्यागी का संदेश है कि जनपद में कानून का राज स्थापित करने के साथ ही प्रत्येक नागरिक की शिकायत को गंभीरता से सुनना और निष्पक्ष ढंग से कार्रवाई करना पुलिस की जिम्मेदारी है। जनता की सुरक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधा और पुलिस के प्रति विश्वास को मजबूत बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करना होगा।