गौतमबुद्धनगर में पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई, कई एसीपी और थाना प्रभारियों समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश
नोएडा। गौतमबुद्धनगर में जनशिकायतों की अनदेखी और पुलिस कार्यप्रणाली में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न करने तथा फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुनने के मामलों में पांच उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी जानकारी के अनुसार निलंबित किए गए उपनिरीक्षकों में मोरना चौकी प्रभारी अजित सिंह, सेक्टर-12/22 चौकी प्रभारी अक्षय प्रताप, जेवर की आरआर साइट चौकी प्रभारी बिरजलाल, सूरजपुर कस्बा चौकी प्रभारी कपिल पांडे और कचहरी सूरजपुर चौकी प्रभारी अनिल कुमार शामिल हैं। इन अधिकारियों के खिलाफ जनशिकायतों में लगातार बढ़ोतरी, शिकायतों को गंभीरता से नहीं सुनने, उचित समाधान नहीं करने और असंतुष्ट फीडबैक अधिक मिलने के कारण यह कार्रवाई की गई है।
इसके अलावा एसीपी-2 नोएडा, एसीपी-2 ग्रेटर नोएडा, एसीपी-4 ग्रेटर नोएडा सहित सेक्टर-113, बीटा-2 और दादरी थाना प्रभारियों समेत कई चौकी प्रभारियों एवं हल्का प्रभारियों के खिलाफ भी प्रारंभिक जांच बैठाई गई है। इन अधिकारियों पर जनशिकायतों का समुचित समाधान नहीं करने के आरोपों की जांच की जाएगी।
वहीं, चोरी, गृहभेदन, वाहन चोरी और स्नैचिंग जैसी घटनाओं की रोकथाम तथा प्रभावी कार्रवाई में लापरवाही को लेकर भी कई चौकी प्रभारियों और हल्का प्रभारियों को कड़ी चेतावनी दी गई है। इनके विरुद्ध भी प्रारंभिक जांच संस्थित की गई है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पुलिस कार्यप्रणाली में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कमिश्नरेट का कहना है कि जनसुनवाई, ऑनलाइन शिकायतों और नागरिकों से जुड़े मामलों का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस कार्रवाई को पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने और आम नागरिकों की शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।