नोएडा। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले नोएडा की दो प्रमुख समस्याओं—लंबित फ्लैट रजिस्ट्री और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो कनेक्टिविटी—को लेकर राजनीतिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद इमरान मसूद ने नोएडा हाईराइज फेडरेशन (NHRF) के अध्यक्ष निखिल सिंघल को आश्वासन दिया है कि इन दोनों महत्वपूर्ण मुद्दों को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के एजेंडे में शामिल किया जाएगा। नेताओं ने यह भी भरोसा दिलाया कि इन मुद्दों पर जल्द ही विस्तृत कार्ययोजना सामने लाई जाएगी।
निखिल सिंघल लंबे समय से नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में लंबित फ्लैट रजिस्ट्री का मुद्दा प्रमुखता से उठा रहे हैं। हजारों होमबायर्स अपने फ्लैट की रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें अपने ही घर के कानूनी स्वामित्व को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
NHRF अध्यक्ष निखिल सिंघल इस मुद्दे के समाधान के लिए राजनीतिक दलों के नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों से लगातार मुलाकात कर रहे हैं। उनका प्रयास है कि रजिस्ट्री से जुड़ी समस्याओं का ठोस समाधान निकले और प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।
इसके साथ ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो कनेक्टिविटी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। तेजी से विकसित हो रहे इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग रहते हैं, जिन्हें बेहतर सार्वजनिक परिवहन की आवश्यकता है। मेट्रो कनेक्टिविटी से हजारों निवासियों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है।
निखिल सिंघल ने कहा, “नोएडा की फ्लैट रजिस्ट्री और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की मेट्रो कनेक्टिविटी लाखों लोगों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। हजारों परिवार रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हैं, वहीं बेहतर सार्वजनिक परिवहन की मांग लंबे समय से उठ रही है। हमारा प्रयास है कि सभी राजनीतिक दल इन समस्याओं को अपने एजेंडे में शामिल करें और इनके समाधान के लिए स्पष्ट कार्ययोजना प्रस्तुत करें। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा दिया गया आश्वासन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
NHRF का कहना है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले नागरिक सुविधाओं, फ्लैट रजिस्ट्री, परिवहन, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक दलों से जवाबदेही तय होनी चाहिए। फेडरेशन इन समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संवाद जारी रखेगा।
अब इन दोनों मुद्दों पर कांग्रेस की प्रस्तावित कार्ययोजना और ठोस कदमों को लेकर क्षेत्र के निवासियों की नजर पार्टी के अगले कदम पर रहेगी।