नोएडा। नोएडा प्राधिकरण की 224वीं बोर्ड बैठक बुधवार को प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक भवन में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश एवं नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री दीपक कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री कृष्णा करुणेश, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री रवि कुमार एनजी, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री राकेश कुमार सिंह सहित बोर्ड के अन्य सदस्य शामिल हुए।
बैठक में शहर के औद्योगिक, व्यावसायिक और आधारभूत विकास को गति देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें नोएडा में AI सिटी-कम-बिजनेस पार्क, सेक्टर-147 में IT/ITES परियोजना, सेक्टर-105 में इंटीग्रेटेड ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्स और सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान प्रमुख रहे।
नोएडा में बनेगी AI सिटी-कम-बिजनेस पार्क
बोर्ड ने उत्तर प्रदेश प्राइवेट बिजनेस पार्क डेवलपमेंट स्कीम-2025 को अपनाने और इसके तहत नोएडा में AI सिटी-कम-बिजनेस पार्क विकसित करने के लिए मास्टर डेवलपर के चयन संबंधी RFP को सैद्धांतिक मंजूरी दी। इस परियोजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), IT और ITES, रिसर्च, स्टार्टअप तथा कौशल विकास से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना DBFOT मॉडल पर विकसित होगी और भूमि का स्वामित्व प्राधिकरण के पास ही रहेगा।
सेक्टर-147 में IT/ITES परियोजना को मंजूरी
नोएडा के सेक्टर-147 में 68 हजार वर्गमीटर भूमि पर संस्थागत IT/ITES भू-उपयोग की योजना प्रकाशित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य विश्वस्तरीय GCC हब और ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस विकसित करना है।
सेक्टर-105 में बनेगा इंटीग्रेटेड ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्स
बोर्ड ने सेक्टर-105 में 12,596.64 वर्गमीटर व्यावसायिक भूमि पर इंटीग्रेटेड ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना को मंजूरी दी। पूरी भूमि एक भूखंड के रूप में एकल बोली के माध्यम से आवंटित की जाएगी। परियोजना में 4.0 FAR और अधिकतम 20 मीटर ऊंचाई की अनुमति होगी। निर्माण अधिकतम तीन चरणों में पांच वर्ष के भीतर पूरा करना होगा।
सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान की अंतिम रिपोर्ट मंजूर
नोएडा क्षेत्र के लिए तैयार सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान की अंतिम रिपोर्ट को भी मंजूरी दी गई। इसे शासन की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। योजना के तहत माल परिवहन, वितरण, यातायात प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाया जाएगा। इससे परिवहन लागत और ट्रैफिक जाम कम करने के साथ पर्यावरणीय प्रभाव घटाने में मदद मिलेगी।
सेक्टर-32 के उपपट्टाधारकों को बड़ी राहत
सेक्टर-32 के व्यावसायिक भूखंड संख्या CC-01 पर निर्मित इकाइयों के उपपट्टाधारकों से लिए जाने वाले भू-भाटक की दर में कमी को मंजूरी दी गई। पहले 612 रुपये प्रति वर्गमीटर वार्षिक की दर से लिया जा रहा भू-भाटक अब पुनर्गणना के बाद लगभग 232 रुपये प्रति वर्गमीटर वार्षिक होगा।
औद्योगिक इकाइयों के नियमों में संशोधन
बोर्ड ने Unified Regulations-2025 में कई संशोधनों को मंजूरी दी। इसके तहत कार्यशील औद्योगिक इकाइयों के हस्तांतरण शुल्क को 10 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा निर्धारित शर्तों के तहत इकाइयों को कार्यशील बनाने के लिए तीन वर्ष तक अतिरिक्त समय देने और संबंधित शुल्क 3, 5 और 7 प्रतिशत निर्धारित करने की व्यवस्था की गई।
शेयरधारिता में बदलाव की सूचना देने में देरी पर लगने वाला शुल्क 500 रुपये से घटाकर 300 रुपये प्रतिदिन करने तथा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को LLP में बदलने की प्रक्रिया को सरल बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।
HUF, सोसाइटी और ट्रस्ट को उपपट्टा सुविधा
बोर्ड ने अन्य संपत्ति वर्गों की तरह व्यावसायिक भूखंडों और उन पर निर्मित संपत्तियों के उपपट्टा दस्तावेजों के निष्पादन एवं हस्तांतरण की सुविधा हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), सोसाइटी और ट्रस्ट के पक्ष में तथा एक से अधिक नामों में उपलब्ध कराने को मंजूरी दी। इससे पात्र आवेदकों को व्यावसायिक संपत्तियों के हस्तांतरण में आसानी होगी।
इसके अलावा मोबाइल टावर और राइट ऑफ वे (Right of Way) की अनुमति प्रक्रिया को ऑनलाइन करने संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
प्राधिकरण की इस बोर्ड बैठक में लिए गए फैसलों से नोएडा में औद्योगिक निवेश, तकनीकी विकास, व्यावसायिक गतिविधियों और आधारभूत सुविधाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है।