बाराबंकी मसौली क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती और रात्रिकालीन रोस्टिंग को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बताई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय बार-बार बिजली काटे जाने से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उपखंड मसौली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मसौली, जकरिया, सहादतगंज, रामपुर और सैदनपुर सहित अन्य फीडरों में रात्रि के समय कथित तौर पर 6 से 7 बार तक रोस्टिंग की जाती है। ग्रामीणों के अनुसार प्रत्येक बार करीब दो-दो घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है, जिससे पूरी रात बिजली व्यवस्था प्रभावित रहती है।
लगातार बिजली कटौती के कारण बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और आम जनजीवन प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। गर्मी और उमस के बीच रात में लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस समस्या को लेकर मनोज शुक्ला पत्रकार ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर विद्युत व्यवस्था में सुधार की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि बिजली कटौती को लेकर टोल-फ्री नंबर 1912 पर एक दर्जन से अधिक शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
इसके अलावा जनसुनवाई यानी IGRS पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराकर समस्या के समाधान की मांग की गई है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के दौरान जानकारी लेने के लिए पावर हाउस मसौली के एसडीओ सहित संबंधित कर्मचारियों से कई बार मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं किए गए। रात के समय के साथ-साथ दिन में भी फोन रिसीव न होने की शिकायत की गई है।
मनोज शुक्ला पत्रकार ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मसौली, जकरिया, सहादतगंज, रामपुर, सैदनपुर सहित अन्य फीडरों में हो रही विद्युत कटौती और रात्रिकालीन रोस्टिंग की जांच कराई जाए तथा निर्धारित रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं।
साथ ही 1912 और जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की भी जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगे जाने की मांग की गई है।
अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री कार्यालय और विद्युत विभाग की ओर से इस शिकायत पर क्या कार्रवाई की जाती है और मसौली क्षेत्र के ग्रामीणों को बिजली कटौती की समस्या से कब तक राहत मिलती है।