
बाराबंकी/ थाना बदोसराय व वन रेंज रामनगर के अंतर्गत,जहां एक तरफ योगी सरकार पेड़ों को लगवा कर पर्यावरण को बढ़ावा दे रही हैं वहीं दूसरी तरफ वन रक्षक ही बने हरे भरे प्रतिबंधित पेड़ों के भक्षक सूत्रों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार वन रेंज रामनगर थाना बदोसराय,के अंतर्गत ग्राम रूपपुर निकट,सरकारी नहर की पुलिया,व नहर की पटरी पर सरकारी जमीन पर एक पेड़ नीम का हरा भरा बगैर परमिट वन विभाग व पुलिस की मिली भगत से लकड़कट्टो द्वारा काट कर नष्ट कर दिया है जब वन विभाग से शिकायत की जाती है तो डिप्टी रेंजर ठेकेदार से कहते हैं की प्रधान से लिखा कर दे दो कोई कार्यवाही नहीं होगी जब से डिप्टी रेंजर ने चार्ज लिया है तब से चाहते लकड़कट्टो से बगैर परमिट, पेड़ कटवाते हैं डिप्टी रेंजर लकड़ कट्टों को बचाने में अक्सर लगे रहते हैं।
वन प्रभागीय अधिकारी से शिकायत करने के बाद वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी नीम का पेड़ का अवशेष गायब करवा दिया है
वहीं दूसरा प्रकरण–
थाना मसौली वन क्षेत्र रामनगर मलौली गांव से मसौली जाने वाले रोड मार्ग के कल्याणी नदी पुल के पहले बाय तरफ हरे भरे लगभग 5 पेड़ महुआ 1 नीम का पेड़ वन विभाग के अधिकारियों की मिली भगत में काटकर नष्ट कर दिए गए हैं जबकि महुआ का पेड़ का परमिट नहीं बनता है। कुछ पेड़ के जड़ों के ऊपर पत्तों से बंद कर दिए गए हैं परमिट का हवाला देते हैं वन विभाग के कर्मचारी ठेकेदारों को बचाने में जुटे हैं लकड़कत्ते कहते हैं की वन विभाग व पुलिस मेरा कुछ नहीं कर सकता है वन विभाग कहता है पेड़ काटो अवशेष को गायब करवा दो कोई सबूत ना मिले बाकी हम देख लेंगे कुछ दबंग लकड़कत्ते अगर परमिट मांगा जाता है तो खुली चुनौती देते हैं जिम्मेदार अधिकारी लेते हैं सुविधा शुल्क और कहते हैं रात में काट लो अगर कोई आएगा तो बता देना की वन विभाग से परमिट जारी हुआ है इस संबंध में,वन कर्मचारी भी बताते हैं की परमिट है मगर मौखिक?
हरे भरे पेड़ काटने के बाद अगर वन प्रभागीय अधिकारी से शिकायत की जाती है तो वन विभाग ठेकेदार को बचाने में पूरी मदद करता है ठेकेदारों का कहना है कि ऊंची पकड़ होने के कारण कोई ठोस कार्य वाही नहीं होती है ज्यादा से ज्यादा जुर्माना ही कर सकते हो बाकी कोई मेरा कुछ नहीं कर सकता है। खबर प्रकाशित होने के बाद में देखना है की कौन सी कार्यवाही होती है