बाराबंकी। शुक्रवार को ग्राम पंचायत बड़ागांव के पंचायत भवन में विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) “वीबी-जी राम जी” को लेकर चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग के विशेष सचिव जयनाथ यादव ने ग्रामीणों को मिशन की जानकारी देते हुए उन्हें योजना से जुड़कर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मिशन का उद्देश्य हर गांव को समृद्ध बनाना, हर हाथ को काम देना और हर परिवार का सम्मान सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ विशेष सचिव जयनाथ यादव, प्रशिक्षु आईएएस एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विद्यांशु शेखर झा तथा उपायुक्त विकास मिश्रा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
विशेष सचिव जयनाथ यादव ने कहा कि वीबी-जी राम जी मिशन प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और गांवों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि मनरेगा के स्थान पर अस्तित्व में आई इस योजना में अकुशल श्रमिकों को प्रत्येक वर्ष 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के रोजगार की गारंटी का प्रावधान है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास, रोजगार सृजन तथा परिवारों की आजीविका में सुधार करना है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह योजना गांवों के विकास का प्रमुख माध्यम बनेगी और इसमें ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण होगी। ग्राम स्तर पर स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों का चयन कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।
प्रशिक्षु आईएएस एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विद्यांशु शेखर झा ने बताया कि वीबी-जी राम जी के तहत चार प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें जल संबंधी कार्य, मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचे का निर्माण, ग्रामीण आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचे का निर्माण तथा अत्यधिक मौसमीय घटनाओं के प्रभाव को कम करने वाले कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जल सुरक्षा से कृषि को बढ़ावा मिलेगा, जबकि सड़क एवं कनेक्टिविटी में सुधार से ग्रामीणों को बाजार तक पहुंचने में सुविधा होगी। भंडारण एवं आजीविका से जुड़ी परिसंपत्तियों के निर्माण से ग्रामीण आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उपायुक्त विकास मिश्रा ने कहा कि योजना के तहत जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचे, ग्रामीण आजीविका और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि स्कूलों की चारदीवारी, कक्षा-कक्षों की मरम्मत, भूजल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण और नर्सरी स्थापना जैसे कार्य भी कराए जा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों के एस्टीमेट इस प्रकार तैयार किए जाएं कि श्रम एवं निर्माण सामग्री का अनुपात 60:40 रहे।
खंड विकास अधिकारी जितेंद्र कुमार ने योजना की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि यह व्यवस्था “एक योजना–कई स्रोतों से फंडिंग” (सिंगल प्लान–मल्टी फंडिंग) के सिद्धांत पर आधारित है। इसके माध्यम से अलग-अलग योजनाएं और कार्यक्रम अपने-अपने लक्ष्यों एवं फंडिंग व्यवस्था को बनाए रखते हुए साझा विकास लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि सामुदायिक भागीदारी से तैयार और ग्राम सभा से स्वीकृत वीजीपीपी का उद्देश्य स्थानीय जरूरतों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत उपलब्ध संसाधनों, विशेषज्ञता और निवेश से जोड़ना है।
इस दौरान अधिकारियों ने पंचायत भवन में संचालित लाइब्रेरी एवं सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बच्चों से संवाद कर उनकी पढ़ाई और तैयारियों के बारे में जानकारी ली।
कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार गौड़, बाल विकास परियोजना अधिकारी विशाल यादव, सहायक विकास अधिकारी पंचायत ब्रजेश कुमार, एडीओ आईएसबी मदन गोपाल कनौजिया, एपीओ परवीन जहां, एडीओ समाज कल्याण प्रमोद कुमार वर्मा, ग्राम प्रधान नूर फातिमा, पंचायत सचिव जैसराम, प्रथम संस्था से दीपक कुमार यादव, प्रधान प्रतिनिधि नूर मोहम्मद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं आजीविका मिशन की महिला सदस्य मौजूद रहीं।