Noida: Sector-150 इलाके में हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद अब पानी में डूबी Software Engineer युवराज की कार को बाहर निकाल लिया गया है। कार को निकालने की प्रक्रिया सुरक्षा एजेंसियों और तकनीकी टीम की निगरानी में पूरी की गई। इसके साथ ही मामले की जांच कर रही SIT अब फोरेंसिक जांच की तैयारी में जुट गई है।

जानकारी के अनुसार, युवराज की कार जिस बेसमेंट में गिरी थी, वहां भारी मात्रा में पानी भरा हुआ था। लगातार पंपिंग के बाद पानी का स्तर कम किया गया, जिसके बाद क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला जा सका। कार को निकालते समय मौके पर पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और फोरेंसिक टीम के सदस्य मौजूद रहे।
SIT सूत्रों के अनुसार, कार को सील कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि हादसे के समय कार की स्थिति क्या थी, ब्रेक या स्टीयरिंग में कोई तकनीकी खराबी तो नहीं थी, और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई। इसके अलावा कार के अंदर और बाहर से सैंपल लेकर यह भी जांच की जाएगी कि बेसमेंट में पानी की गहराई और समय पर रेस्क्यू में हुई देरी की वजह क्या रही।

परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर सही संसाधनों के साथ रेस्क्यू किया जाता तो युवराज की जान बचाई जा सकती थी। वहीं प्रशासनिक लापरवाही, निर्माणाधीन स्थल पर सुरक्षा इंतजामों की कमी और बेसमेंट में पानी भरे होने को लेकर भी जांच तेज कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि SIT हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। कार की फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद जांच को निर्णायक दिशा मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल युवराज की मौत से गुस्साए स्थानीय लोगों और परिजनों की मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
Team AND News
Contact No.-9718306065