
नोएडा। गढ़मुक्तेश्वर के गांव सालारपुर में हुए सियासी विवाद की गूंज अब नोएडा तक पहुंच गई है। पूर्व मंत्री और भाजपा नेता मदन चौहान तथा भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह के बीच हुई तीखी झड़प के बाद मामला अब कानूनी कार्रवाई की ओर बढ़ता दिख रहा है।
ग्रेटर नोएडा के लखनवी निवासी भाजपा नेता पंडित लोकमन शर्मा ने सूरजपुर कोतवाली में लिखित शिकायत देकर किसान नेता भानु प्रताप सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कठोर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भानु प्रताप सिंह ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया।
पंडित लोकमन शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने देश व प्रदेश को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है। ऐसे सम्मानित नेताओं के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने मांग की कि भानु प्रताप के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह का दुस्साहस न कर सके।
*क्या है पूरा मामला?*दरअसल, सोमवार को थाना बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव सालारपुर में एक होटल के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान माहौल उस वक्त अचानक गरमा गया, जब ठाकुर भानु प्रताप सिंह और मदन चौहान आमने-सामने आ गए।बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत के दौरान बयानबाजी को लेकर विवाद शुरू हुआ।
इसी दौरान भानु प्रताप सिंह द्वारा “भाजपा को हराओ” जैसी टिप्पणी किए जाने पर मदन चौहान भड़क उठे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया।देखते ही देखते बहस तीखी नोकझोंक में बदल गई और मामला गाली-गलौज तक पहुंच गया।
कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
*दोनों पक्षों ने दी अपनी सफाई*विवाद के बाद ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया। उनके अनुसार, उन्होंने केवल “भाजपा को हराओ” की बात कही थी और किसानों की समस्याओं को उठाया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री उनकी मौजूदगी से नाराज थे, जिसके चलते विवाद खड़ा हुआ।वहीं, मदन चौहान ने कहा कि उन्होंने केवल देश के शीर्ष नेतृत्व के सम्मान की रक्षा के लिए विरोध किया।
उनका कहना है कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।प्रशासन की चुप्पी, बढ़ती सियासी सरगर्मीघटना के बाद से पूरे क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, सूरजपुर कोतवाली में दी गई शिकायत के बाद यह देखना अहम होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है।
गढ़मुक्तेश्वर से शुरू हुआ यह विवाद अब नोएडा की सियासत में भी गर्माहट ला चुका है और आने वाले दिनों में इसके और तूल पकड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।