उमरी बेगमगंज, गोंडा।
दिवंगत देवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ लाठी सिंह एवं कन्हैया पाठक की छठी पुण्यतिथि पर श्यामला देवी स्मारक इंटर कॉलेज, परास पट्टी में श्रद्धांजलि सभा का भव्य एवं भावुक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोगों ने पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर तरबगंज विधायक प्रेम नारायण पांडे, एमएलसी अवधेश कुमार सिंह, पूर्व एमएलसी रणविजय सिंह, ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र प्रताप सिंह, सपा नेता मनोज चौबे सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने लाठी सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया।

सभा को संबोधित करते हुए विधायक प्रेम नारायण पांडे ने कहा कि लाठी सिंह केवल एक राजनीतिक व्यक्ति नहीं थे, बल्कि वे क्षेत्र की जनता के सच्चे हितैषी और संघर्षशील नेता थे। उन्होंने कहा कि “लाठी सिंह ने हमेशा गरीब, किसान और कमजोर वर्ग की आवाज को मजबूती से उठाया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि राजनीति सिर्फ सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा का सबसे बड़ा जरिया है।” विधायक ने यह भी कहा कि लाठी सिंह जैसे जुझारू और निर्भीक नेता बहुत कम होते हैं, जिन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।
कार्यक्रम में लाठी सिंह के छोटे भाई सपा नेता विजय कुमार सिंह ‘टिंटू’ और अजय कुमार सिंह ‘बबलू’ प्रधान प्रतिनिधि की उपस्थिति ने माहौल को और अधिक भावुक बना दिया। दोनों भाइयों ने अपने बड़े भाई को याद करते हुए कहा कि लाठी सिंह हमेशा लोगों के सुख-दुख में खड़े रहते थे और समाज के हर वर्ग के लिए समर्पित थे।
टिंटू सिंह ने कहा कि “भैया का जीवन संघर्ष और सेवा का प्रतीक था। उन्होंने हमें सिखाया कि जनता के लिए हमेशा खड़ा रहना ही सच्ची राजनीति है।” वहीं बबलू सिंह ने कहा कि “हम उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाना ही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।”
सभा में वक्ताओं ने लाठी सिंह को मिलनसार, साहसी और जनप्रिय नेता बताते हुए कहा कि उनका योगदान क्षेत्र के लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेगा। कार्यक्रम के दौरान कई लोग भावुक हो उठे और नम आंखों से अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि दी।
उल्लेखनीय है कि छह वर्ष पूर्व राजनीतिक रंजिश के चलते लाठी सिंह और कन्हैया पाठक की हत्या कर दी गई थी। तभी से हर वर्ष उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर उन्हें याद किया जाता है, जो अब एक परंपरा का रूप ले चुकी है।